
इस्लामाबाद में हुई यह शांति वार्ता इस समय दुनिया की सबसे बड़ी खबर है। हालांकि बातचीत के प्रति काफी उम्मीदें जताई जा रही थीं, लेकिन पिछले 48 घंटों में स्थिति काफी बदल गई है।
इस्लामाबाद वार्ता की वर्तमान स्थिति
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) पाकिस्तान पहुंचे और लंबी बातचीत का दौर चला, लेकिन रविवार, 12 अप्रैल 2026 को यह वार्ता बिना किसी औपचारिक समझौते के समाप्त हो गई।
• बातचीत का विवरण: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल (जिसमें जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल थे) और ईरानी अधिकारियों के बीच लगभग 21 घंटे लंबी सीधी बातचीत हुई। ईरान का नेतृत्व वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ कर रहे थे।
• परिणाम: वेंस ने इन चर्चाओं को “ठोस” और कई मौकों पर “मैत्रीपूर्ण” बताया, लेकिन अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपना “अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव” ईरान के सामने रख दिया है, विशेष रूप से उनके परमाणु कार्यक्रम को लेकर।
• मुख्य बाधाएं: सबसे बड़ी अड़चन ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से छोड़ने से इनकार करना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण को लेकर असहमति रही। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने “भरोसे की कमी” को समझौते में विफलता का कारण बताया।